नहीं

मैंने माना कि गलती की तुमसे मोहब्बत कर के
तू ना हुआ मेरा तो भी कोई गिला नहीं;
मैं तो सो गयी थी तेरे कांधे पे सर रख कर
वो तो तू है जो मुझे ख़्वाब में भी मिला नहीं।

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